नेपाल में हिंसा 2025: PM नरेंद्र मोदी का पहला बयान और नेपाल में सेना की तैनाती

नेपाल में वर्तमान समय में भारी हिंसा और उपद्रव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। सरकारी इमारतों, नेताओं के घरों और संसद तक में आग लगाई जा रही है। इस दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली, राष्ट्रपति और कई मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पूरे देश में तनाव का माहौल है और Gen-Z प्रदर्शनकारी हिंसक घटनाओं में शामिल हैं।

PM नरेंद्र मोदी का बयान: नेपाल के लोगों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर ट्वीट कर नेपाल की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा:

“नेपाल में हुई हिंसा हृदयविदारक है। इसमें कई युवाओं की जान गई। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं नेपाल के सभी भाई-बहनों से विनम्र अपील करता हूँ कि वे शांति-व्यवस्था बनाए रखें।”

PM मोदी ने यह बयान हिमाचल प्रदेश और पंजाब दौरे के बाद Cabinet Committee on Security (CCS) की बैठक में नेपाल की स्थिति पर चर्चा के दौरान दिया।

सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक

पीएम मोदी ने मंगलवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शामिल थे:

  1. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
  2. गृह मंत्री अमित शाह
  3. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
  4. विदेश मंत्री एस जयशंकर

बैठक में पीएम मोदी ने जोर दिया कि नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि भारत के लिए महत्वपूर्ण है और नेपाल में हुई हिंसा हृदयविदारक है।

नेपाल में सेना की तैनाती और स्थिति

नेपाल में पिछले दो दिनों से जारी हिंसा के बाद नेपाल आर्मी की तैनाती कर दी गई है। रात 10 बजे के बाद काठमांडू की सड़कों पर सेना की मूवमेंट शुरू हुई। सेना ने बख्तरबंद वाहन और गश्त के जरिए स्थिति पर नियंत्रण करना शुरू किया और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया।

इस तरह अब नेपाल में सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी पूरी तरह से सेना के हाथों में है। नेपाल में हालात बेहद संवेदनशील हैं और हिंसा रोकने के लिए फौज की तैनाती और पीएम मोदी की अपील अहम कदम हैं। भारत के लिए नेपाल की शांति और स्थिरता हमेशा से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही है।

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