अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं। इस बार उन्होंने BRICS देशों को निशाने पर लिया और दावा किया कि यह गठबंधन ज्यादा दिन नहीं टिकेगा क्योंकि इसके सदस्य देश “एक-दूसरे से नफरत करते हैं”।
BRICS देशों पर हमला
नवारो ने कहा कि BRICS देशों के व्यापारिक तौर-तरीके अमेरिका के लिए “वैम्पायर” जैसे हैं, जो उसका खून चूस रहे हैं। उन्होंने खासतौर से भारत-चीन के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दशकों से दोनों देशों में तनाव रहा है और चीन ने पाकिस्तान को परमाणु बम तक दिया था।
भारत पर सीधा वार
- भारत के रूस से तेल आयात को नवारो ने “लालच” बताया।
- उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले भारत नाम मात्र तेल खरीदता था, लेकिन अब रूस से बड़े पैमाने पर तेल ले रहा है।
- उन्होंने भारत के ऊंचे टैरिफ की भी आलोचना की और चेतावनी दी कि अगर भारत ने अमेरिका से सहयोग नहीं किया, तो रूस और चीन के साथ खड़े होने का नतीजा खराब होगा।
रूस-चीन और ब्राजील पर तंज
- नवारो ने कहा कि चीन धीरे-धीरे “अवैध आप्रवासन” के जरिए साइबेरिया पर कब्जा कर रहा है।
- ब्राजील की अर्थव्यवस्था को उन्होंने राष्ट्रपति लूला की “समाजवादी नीतियों” का शिकार बताया और पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो को “असली नेता” करार दिया।
सोशल मीडिया पर भी भारत की आलोचना
X (Twitter) पर नवारो ने भारत पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि “दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश सिर्फ कुछ लाख इंफ्लुएंसर्स के जरिए सर्वे में हेरफेर करता है, ये मजाक है।”
चीन पर बैन के सवाल पर गोलमोल जवाब
जब चीन पर अतिरिक्त प्रतिबंधों के सवाल पूछे गए तो नवारो ने सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने दोहराया कि भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा, तभी शांति की दिशा में कदम बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, नवारो ने एक बार फिर भारत, चीन और रूस को निशाने पर लेते हुए अमेरिकी हितों को “सबसे ऊपर” बताने की कोशिश की।








