Heavy Rain and Floods: उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़े हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में शनिवार को बड़ा हादसा हुआ, जब भूस्खलन के बाद पहाड़ी का करीब 200 मीटर हिस्सा टूटकर बह गया। वहीं, राजस्थान के जयपुर में लगातार बारिश के चलते एक मकान गिर गया, जिसमें एक युवक और उसकी 5 साल की बेटी की मौत हो गई।
दिल्ली में भी हालात चिंताजनक हैं। यमुना नदी में आई बाढ़ से 70 से ज्यादा परिवारों को अपने घर छोड़कर अक्षरधाम के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे किनारे बने टेंटों में शरण लेनी पड़ी।
हिमाचल में थमेगी नहीं बारिश, कई जिलों में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के नोराधार के चोक्कर गांव में भूस्खलन से पांच घर खतरे में आ गए। राहत की बात ये रही कि लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के नीचे से पानी का स्रोत फटने की वजह से ये घटना हुई।
मौसम विभाग ने अगले 6 दिन तक पूरे राज्य में मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। उना और बिलासपुर में भारी बारिश और आंधी-तूफान के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
उत्तराखंड: बादल फटा, कई घरों में मलबा घुसा
उत्तरकाशी जिले के नौगांव इलाके में बादल फटने से भारी तबाही मची। एक मकान मलबे में दब गया और कीचड़ भरा पानी कई घरों में घुस गया। हालांकि, कई लोग पहले ही घर खाली कर सुरक्षित जगह पहुंच चुके थे।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत राहत-बचाव कार्य के आदेश दिए हैं।
वहीं, चमोली जिले के गोपेश्वर में लगातार भूस्खलन से मकानों में दरारें पड़ गईं। करीब 150 मीटर सड़क धंस जाने से लोग दहशत में हैं और कई परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर परेशान हैं।
गुजरात में 7 दिन तक मूसलाधार बारिश का अनुमान
गुजरात में भी अगले एक हफ्ते तक तेज मानसून का दौर रहेगा। आईएमडी ने भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासकर 7 सितंबर को “एक्सट्रीम हेवी रेनफॉल” की संभावना जताई गई है।
जम्मू-श्रीनगर हाइवे लगातार 5वें दिन बंद
भारी बारिश ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी मुसीबत खड़ी कर दी है। एनएचएआई लगातार रास्ता साफ करने की कोशिश कर रहा है लेकिन उधमपुर जिले में 250 मीटर रोड मलबे में दब जाने से यातायात बंद है।
मौसम विभाग ने 7-8 सितंबर को मध्यम बारिश और 9-12 सितंबर के बीच हल्की बरसात का अनुमान जताया है।
दिल्ली में यमुना का जलस्तर थोड़ा घटा, लेकिन खतरा अभी बरकरार
दिल्ली में रविवार को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। फिलहाल यमुना का जलस्तर घटकर 205.98 मीटर पर आ गया है, लेकिन यह अभी भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है।
निचले इलाकों में रह रहे लोगों को अस्थायी टेंटों में रखा गया है। प्रशासन की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
👉 कुल मिलाकर, उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा और आने वाले दिनों में लोगों को और सतर्क रहने की जरूरत है।








