Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan Pension Yojana: भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा संचालित होता है। इनमें रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, कृषि मजदूर, रिक्शा चालक, बुनकर, तमाम छोटे-मोटे व्यवसाय शामिल हैं। ये श्रमिक सामाजिक सुरक्षा से अक्सर वंचित रह जाते हैं। अपनी मेहनत से देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले इन लाखों-करोड़ों मजदूरों को सम्मानपूर्वक वृद्धावस्था में एक सुनिश्चित पेंशन से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्रम-योगी मान-धन पेंशन योजना (PM-SYM) लागू की गई है।
श्रम-योगी मान-धन पेंशन योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री श्रम-योगी मान-धन योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के ज़रिए, 60 वर्ष की आयु के बाद उन्हें न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित करके सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। भारत सरकार ने असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) के श्रमिकों और मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan Pension Yojana (PM-SYM) की शुरुआत की है। यह योजना 2019 में लॉन्च की गई थी और अब 2025 में भी देशभर के लाखों असंगठित कामगारों को इसका लाभ मिल रहा है।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
- न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन: लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन प्राप्त होगी।
- स्वैच्छिक और अंशदायी: यह एक स्वैच्छिक योजना है, जिसमें लाभार्थी और केंद्र सरकार 50:50 के अनुपात में योगदान करते हैं।
- परिवार पेंशन: यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके पति/पत्नी को पेंशन का 50% पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है।
- निकास प्रावधान (Exit Provision): श्रमिक योजना से बाहर निकाल सकते हैं, जिसके अंतर्गत योगदान राशि ब्याज सहित वापस मिलती है—यह ब्याज बचत बैंक दर से अधिक हो सकता है।
- सरल पंजीकरण: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या मान-धन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण संभव है।
- निधि प्रबंधन: यह योजना LIC द्वारा संचालित है, जो पेंशन निधि प्रबंधन और भुगतान के लिए जिम्मेदार है।
योजना मे आवेदन के लिए पात्रता मानदंड
- आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) का मजदूर या श्रमिक होना चाहिए।
- मासिक आय ₹15,000 से कम होनी चाहिए।
- आवेदक के पास आधार कार्ड और बैंक खाता होना अनिवार्य है।
- जो लोग EPFO, NPS या ESIC जैसी किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
- सरकारी कर्मचारी या आयकर दाता इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते।
Shram Yogi Maandhan Pension Monthly Contribution Table
नीचे की तालिका में विभिन्न प्रवेश-आयुओं पर लाभार्थी और सरकार द्वारा मासिक अंशदानी राशि स्पष्ट रूप से दी गई है:
प्रवेश आयु (वर्ष) | लाभार्थी का मासिक अंशदान (₹) | केंद्र सरकार का मासिक अंशदान (₹) | कुल मासिक अंशदान (₹) |
---|---|---|---|
18 | 55 | 55 | 110 |
20 | 65 | 65 | 130 |
25 | 80 | 80 | 160 |
30 | 105 | 105 | 210 |
35 | 150 | 150 | 300 |
40 | 200 | 200 | 400 |
अंशदान जितनी कम आयु में शुरू किया जाए, मासिक योगदान उतना ही कम होगा।
Shram Yogi Maandhan Pension Registration Process
- सबसे पहले अपने नजदीकी CSC (Common Service Center) पर जाएं।
- अपने साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर लेकर जाएं।
- CSC ऑपरेटर आपके आधार और बैंक डिटेल्स को PM-SYM Portal पर दर्ज करेगा।
- आपको बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करना होगा।
- सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक Pension Card प्रदान किया जाएगा।
- वैकल्पिक रूप से मान-धन पोर्टल (maandhan.in) के माध्यम से भी पंजीकरण संभव है।
पेंशन वापसी से संबंधित नियम
योजना में लचीलापन बनाए रखा गया है, ताकि असंगठित श्रमिकों की अनिश्चित आय के कारण कभी भी योजना से बाहर निकलने की स्थिति में उन्हें सुविधा हो:
- 10 वर्ष से पहले निकलें → केवल उनका योगदान और बचत बैंक ब्याज लौटाया जाएगा।
- 10 वर्ष या उससे अधिक, लेकिन 60 वर्ष से पहले → योगदान राशि और जो ब्याज हो, दोनों में से अधिक वाले की राशि लौटाई जाएगी।
- यदि 60 वर्ष से पहले मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होती है → जीवनसाथी योजना को जारी रख सकते हैं; नहीं तो राशि ब्याज सहित वापस ली जा सकती है।
- 60 वर्ष के बाद मृत्यु होने पर → जीवनसाथी को 50% पारिवारिक पेंशन मिलती है; दोगुनी मृत्यु की स्थिति में बाद के जीवनसाथी को भी पेंशन नहीं मिलती।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री श्रम-योगी मान-धन योजना (PM-SYM) एक ऐतिहासिक और सकारात्मक पहल है, जिसका उद्देश्य है कि भारत के असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिक अपने वृद्धावस्था में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यह न केवल आर्थिक सुरक्षा का साधन है, बल्कि सामाजिक समावेश का भी एक जरिया है।